विश्व जनसंख्या (Population) दिवस पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी ने फिर से एक बार फिर से मुस्लिमों की बढ़ती आबादी को लेकर कटाक्ष किया. उनका कहना था कि एक वर्ग की जनसंख्या बढ़ने से अराजकता ही फैलेगी. उन्होंने कहा कि ऐसा न हो कि किसी वर्ग की आबादी बढ़ने की स्पीड और उनका प्रतिशत ज्यादा हो और जो मूल निवासी हैं जागरूकता अभियान चलाकर उनकी जनसंख्या नियंत्रित कर समाज में असंतुलन उत्पन्न कर दिया जाए.
योगी की इस बात से बीजेपी के शीर्ष नेता ही सहमत नहीं दिखे। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि बेतहाशा जनसंख्या (Population) विस्फोट किसी एक मज़हब की नहीं, बल्कि मुल्क की मुसीबत है, इसे जाति, धर्म से जोड़ना ठीक नहीं है। मुख्तार अब्बास नकवी ने सीधे तौर पर योगी को सलाह देनेलहजे में ऐसा कहाँ, विदित हो कि नकवी का राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने के बाद मोदी कैबिनेट से उनकी छुट्टी हो चुकी है। बीजेपी ने उन्हें न तो राज्यसभा चुनाव में कहीं से उतारा और न ही रामपुर उपचुनाव में उनको टिकट दिया गया.
लखनऊ में एक प्रोग्राम में CM योगी ने बढ़ती हुई जनसँख्या (Population) की वजह से ऐसा कहा , आगे उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़े, लेकिन इसके साथ ये भी ध्यान रखना होगा कि जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति भी न पैदा हो पाए। सीएम योगी ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि बीते पांच वर्षों से देशभर में जनसंख्या स्थिरीकरण को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। एक निश्चित पैमाने पर जनसंख्या समाज की उपलब्धि भी है। लेकिन यह उपलब्धि तभी तक है, जब समाज में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य सुविधाएं समाज के सभी वर्गों को प्राप्त हो सकें.
विदित हो अगस्त 2021 में उत्तर प्रदेश लॉ कमीशन ने जनसंख्या नियंत्रण नीति को लेकर एक ड्राफ्ट C M योगी को सौंपा था. और अब इंतजार है कि इस जनसंख्या नियंत्रण नीति को प्रदेश में आखिर कब लागू किया जाएगा. यूपी स्टेट लॉ कमीशन के तत्कालीन चेयरमैन जस्टिस ए एन मित्तल ने एक मसौदा जनसंख्या नियंत्रण का तैयार किया था. इस मसौदे में कई अहम बातें कही गईं थी, जिसमें ये साफ तौर पर है कि जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी और जो सरकारी नौकरी में होंगे उन्हें प्रमोशन नहीं मिलेंगा.
इस रिपोर्ट में स्टेट लॉ कमीशन ने तमाम चीजों पर आम लोगों से राय भी मांगी थी. कुछ लोगों ने ये सुझाव भी दिया था कि 2 से ज्यादा बच्चे होने पर विधायक और सांसद का चुनाव लड़ने की अनुमति न दी जाए. फिलहाल ऐसी खबर आ रही है कि य रिपोर्ट ठंडे बस्ते में पड़ी है.




























































