आपको बताते चले कोरोना महामारी ने लोगों को बीमा (Insurance) की अहमियत बता दी है. बहुत से लोग बीमा का फालतू का खर्चा मानते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है. हालत ये है कि पिछले साल कोरोना के हाहाकार के बाद से बीमा कंपनियों के कारोबार में जबरदस्त उछाल आया है. बीमा खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. बीमा कंपनियों ने अपने प्रोडक्ट्स के दाम भी बढ़ा दिए हैं.

आज मार्किट में तमाम तरह की इंश्योरेंस (INSURANCE) कंपनियां कार्य कर रही है और आपकी सुरक्षा( SECURITY) के लिए तमाम तरह की पालिसी (POLICY) उपलब्ध है, अपनी जरूरत के हिसाब से कुछ पॉलिसी आपको लेनी ही चाहिए.

हम आज आपको कुछ पॉलिसी (INSURANCE POLICY) के बारे में बताएँगे, लेकिन इन प्लान को लेने से पहले पॉलिसी प्रदाता कंपनी के बार्रे में पूरी जानकारु जुटाले.
घर के मुखिया के लिए टर्म इंश्योरेंस (TERM INSURANCE) होना बहुत ज्यादा जरूरी है. टर्म इंश्योरेंस कमाई करने वाले व्यक्ति के ना होने की दशा में शुरूआती तौर पर निर्भर लोगों को आर्थिक मदद करता है. टर्म इंश्योरेंस जितनी जल्दी उम्र में कराया जाए उतना ही कम प्रीमियम वाला होता है और उसकी कवरेज ज्यादा होती है. आज की जरूरत के हिसाब से घर के मुखिया का कम से कम एक करोड़ रुपये का टर्म इंश्योरेंस होना चाहिए.
जिस तरह मेडिकल खर्चे (MEDICAL EXPENCES) बढ़ रहे हैं, उसमें स्वास्थ्य बीमा (HEALTH INSURANCE) बहुत जरूरी हो गया है. परिवार के प्रत्येक सदस्य का हेल्थ इंश्योरेंस (HEALTH INSURANCE) होना चाहिए. फैमली फ्लोटर पॉलिसी में भी पूरे परिवार को कवर किया जा सकता है. एक अच्छी हेल्थ इंश्योरेंस पॉॉलिसी में डॉक्टर (DOCTOR) का परामर्श शुल्क (Advice fees), मेडिकल टेस्ट (MEDICAL TEST) , अस्पताल (HOSPITAL) में भर्ती होने का खर्च और ऑपरेशन आदि के खर्चों को भी कवर किया जाता है.
आप कार या अन्य कोई वाहन या टू-व्हीलर चलाते हैं तो आपको पता ही होगा कि वाहनों का इंश्योरेंस कानून जरूरी होता है. इसलिए थर्ड पार्टी बीमा के साथ कम्प्रेहैन्सिव मोटर बीमा कवर जरूर लेना ही चाहिए. इस बीमा को हर साल रिनिवल कराना पड़ता है.
अस्वीकरण:- हम आपको सामान्य जानकारी दे रहें है, किसी भी इन्सुरेंस (iNSURANCE) पालिसी (POLICY) लेने से पहले पॉलिसी प्रदाता कंपनी के बारे में पूरी जाँच पड़ताल अवश्य करें.


























































