गुलाम नबी आजाद ( Ghulam Nabi Azad) ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के साथ ही उन्होंने नेतृत्व पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं. खासतौर पर राहुल गांधी पर उन्होंने हमले करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.
गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) के कांग्रेस छोड़ने पर कांग्रेस के नेता लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि राहुल गांधी की कांग्रेस में उन लोगों की बिल्कुल नहीं चल रही है जो लोग एसी कमरों में बैठकर राजनीति कर रहे थे, गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा इसीलिए हुआ है.
गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने कांग्रेस की हार का ठीकरा भी राहुल गांधी के सिर फोड़ा है. इस पर कई लोग सवाल कर रहे हैं कि जब गुलाम नबी आजाद को चुनावों के वक्त राज्यों का प्रभारी बनाया गया था उस समय उन्होंने कांग्रेस की जीत के लिए क्या किया था.
जिस वक्त कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की जरूरत थी, उस समय गुलाम नबी आजाद अपनी तरफ से क्या कर रहे थे? ऐसे सवाल कांग्रेस के तमाम नेता कर रहे हैं.
गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस छोड़ने पर कांग्रेस के नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि, कॉंग्रेस एक विचारधारा है, राहुल गॉंधी जी उस विचारधारा का अलम उठाये हमारा नेतृत्व कर रहे हैं. हम सब राहुल जी के कंधे से कंधा मिलाकर भारत को जोड़ने के लिये तैयार हैं, जिन्हें डर लगता है अगर वो हमें छोड़कर जाते हैं तो हम दुख के साथ उन्हें अलविदा कहते हैं.
आपको बता दें कि गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) लंबे समय से कांग्रेस नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे और जो कांग्रेस का बागी गुट था उसका नेतृत्व भी गुलाम नबी आजाद कर रहे थे. पिछली बार जब सोनिया गांधी बीमार थी उस समय इन्होंने कांग्रेस के खिलाफ चिट्ठी लिखी थी और मीडिया को मौका दिया था कांग्रेस पर हमले करने का और इस बार जब पूरा गांधी परिवार सोनिया गांधी के इलाज के लिए देश से बाहर है, उस वक्त उन्होंने कांग्रेस पर और खासतौर पर राहुल गांधी पर हमले करके कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है.




























































