आपको बताते चले आज सदन में जमकर हंगामा हुआ, ऐसे दृश्य देश एवं संसद की गरिमा को तार तार करने वाले थे, कही न कही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smrati Irani) ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के साथ जिस तरह का व्यवहार किया उसे किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता.
अधीर रंजन चौधरी के बयान पर बीजेपी की महिला नेताओं (Smrati Irani) ने संसद में जमकर हंगामा काटा है. अधीर रंजन चौधरी ने एक बयान में राष्ट्रपति की जगह राष्ट्रपत्नी कहकर संबोधित कर दिया. हालांकि अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी और उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जुबान फिसल गई थी. और इसके बाद उन्होंने माफी मांगी. लेकिन बीजेपी की तरफ से पूरी कांग्रेस तथा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी की मांग की गई और बीजेपी की महिला नेताओं ने संसद में जमकर हंगामा किया और कांग्रेस को महिला विरोधी तक करार दिया.
सोनिया गांधी ने बीच बचाव करते हुए कहा कि अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है पहले ही. लेकिन उसके बाद भी बीजेपी की महिला नेताओं ने हंगामा करना बंद नहीं किया तथा कांग्रेस को महिला विरोधी आदिवासी विरोधी गरीब विरोधी तक करार दिया. बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे पर हंगामा करने वालों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तथा स्मृति ईरानी (Smrati Irani) सबसे आगे दिखाई दी. अब यहां पर बीजेपी की इन दो महिला नेताओं से कई तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं और उन्हें जवाब देना चाहिए.
सबसे पहले तो सवाल केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से पूछा जाना चाहिए और बाकायदा उन्हें पूरे देश से और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से माफी मांगनी चाहिए. बीजेपी की नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कई तरह की बातें की और जोश में होश खोती हुई नजर आई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिला विरोधी है आदिवासी विरोधी है और महामहिम राष्ट्रपति को उन्होंने गरीब तथा आदिवासी करार दिया.
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से सवाल पूछा जाना चाहिए कि भारत की महामहिम राष्ट्रपति को जातिसूचक शब्दों से संबोधित करना क्या उचित है? उनको गरीब बता कर संबोधित करना क्या देश के सम्मान के साथ खिलवाड़ करना नहीं है? स्मृति ईरानी तथा बीजेपी के बाकी नेताओं के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अभी भी आदिवासी समुदाय का वोट लेने का जरिया है? गरीबों का वोट लेने का जरिया है? क्या अभी भी स्मृति ईरानी और बीजेपी के तमाम नेता महामहिम के पद का सम्मान नहीं करेंगे, सिर्फ वोट बैंक के लिए उनकी जाति का इस्तेमाल करेंगे?
आज केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कांग्रेस को महिला विरोधी बता रही हैं, गरीब विरोधी बता रही हैं. लेकिन यह वही मंत्री साहिबा हैं जो उन्नाव कांड पर चुप्पी साधी हुई थी. इनकी खुद की पार्टी के नेता कुलदीप सिंह सेंगर ने एक महिला के सम्मान को तार-तार किया था, एक महिला की इज्जत को तार-तार किया था, उसके परिवार को तबाह कर दिया था. लेकिन बीजेपी ने उसको तब तक अपनी पार्टी से निलंबित नहीं किया जब तक हाई कोर्ट से फटकार नहीं पड़ी. उस समय केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कहां थी? उस समय उनका महिलाओं के प्रति सम्मान कहां चला गया था?
अधीर रंजन चौधरी ने जो बयान दिया है निश्चित तौर पर शब्दों के चयन में उनसे गलती हुई है. उनका बयान ठीक नहीं था और अपने बयान के लिए उन्होंने तुरंत माफी मांग ली. सोनिया गांधी ने भी कहा, अधीर रंजन चौधरी ने अपने बयान के लिए माफी मांग ली है. लेकिन महिलाओं के सम्मान के नाम पर वोट मांगने वाली बीजेपी, महिलाओं के वोट के लिए “बहुत हुआ महिलाओं पर अत्याचार, अबकी बार मोदी सरकार” जैसा नारा देने वाली बीजेपी, महिलाओं के खिलाफ पिछले कुछ सालों में जो अपराध हुए हैं उस वक्त कहां थी? स्मृति ईरानी कहां थी?






























































