
श्रीमती प्रियंका गाँधी ने दैनिक भास्कर समाचार का हवाला देते हुए कहा विडंबना देखिए खबरों के अनुसार आगरा में अस्पताल ने मरीजों की ऑक्सीजन बंद करके “मॉकड्रिल” की और भाजपा सरकार ने क्लीन चिट देकर इंक्वायरी की “मॉकड्रिल” कर दी.
सरकार और अस्पताल: दोनों का रास्ता साफ. मरीजों के परिजनों की गुहार को अनसुना कर सरकार ने न्याय की उम्मीद को तोड़ दिया.
बताते चले अभी एक टेप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमे पारस अस्पताल के मालिक को बोलते हुए सुनाई दे रहे थे हमने मरीजों की क्षमता जांचने के लिए पांच मिनट के लिए ऑक्सीजन सप्लाई बंद कर दी और 22 मरीज छट गए( मर गए) कोई डॉक्टर इतना बेदर्द कैसे हो सकता है.
यह घटना अप्रैल में हुई थी और इसकी ऑडियो टेप अभी कुछ दिनों पहले वायरल हो रही थी इस बात का पता चलते ही उन 22 मरीजों के परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया था और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की थी इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और अस्पताल मालिक पर भारी जुर्माना लगाया जाए.
राम राजनीतिक दलों अस्पताल के बाहर पहुंचकर हंगामा किया था और कई लोगों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था.
यह किस तरह की जांच है जिसमें सरकार ने अस्पताल को क्लीन चिट दे दी मेडिकल इतिहास में इस तरह की कोई मौत दिल की व्यवस्था ही नहीं है आप मरीजों की जान से नहीं खेल सकते. पूरे देश से यह मांग उठ रही है अस्पताल प्रशासन को सख्त से सख्त सजा दी जाए जिससे इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो.



























































