इस वक्त कांग्रेस से जुड़े हुए संगठनों और कांग्रेस के दफ्तरों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. कांग्रेस कार्यालय के आसपास पुलिस का जबरदस्त पहरा है और यह सब कुछ इसलिए हो रहा है, क्योंकि कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी और जीएसटी को लेकर संसद घेराव से लेकर प्रदर्शन तक करने वाली है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी नहीं चाहती है कि कांग्रेस महंगाई को लेकर जीएसटी को लेकर और बेरोजगारी को लेकर कोई प्रदर्शन करें.
इस वक्त देखा जाए तो महंगाई की मार से गरीब और मध्यम वर्ग की कमर टूट चुकी है. पेट्रोल डीजल और गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं. छोटी-छोटी चीजों पर जीएसटी लगाकर सरकार जनता की जेब लूटने का काम कर रही है. यह वही पार्टी इस वक्त सरकार में है जो विपक्ष में रहती थी तो महंगाई को लेकर पूरे देश में धरना प्रदर्शन किया करती थी और उस वक्त के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कुछ भी बोल देती थी.
महंगाई पर इस वक्त बीजेपी के नेता बात करते हुए दिखाई नहीं देते और बात भी करते हैं तो कुतर्क करते हुए दिखाई देते हैं. बीजेपी के नेता खुलेआम संसद में कह दे रहे हैं कि महंगाई है ही नहीं. जबकि 2014 से पहले किसी चीज का दाम कुछ पैसे बढ़ जाता था तो यही लोग पूरी सरकार को जिम्मेदार ठहराते थे.
भाजपा और अन्य संघटन से जुड़े लोग प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगते थे. ठीक इसी तरह से 2014 के पहले का मनोज तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह महंगाई को लेकर अपनी बात रख रहे हैं. मनोज तिवारी इस वक्त बीजेपी के सांसद हैं और महंगाई पर चुप है.
वायरल हो रहे वीडियो में मनोज तिवारी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि, महंगाई को देखिए- पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए जा रहे हैं. आसपास के देशों में देखिए कितने सस्ते हैं. इसी बीच एंकर मनोज तिवारी से पूछता है कि मोदी के टाइम पर नहीं बढ़ेंगे दाम? इस पर मनोज तिवारी जवाब देते हैं कि बढ़ेंगे नहीं कम होंगे.
ये तो भाजपा का सांसद हैं जो बता रहा है मोदी आयेंगे दाम घटायेंगे pic.twitter.com/PMFVBoLsUC
— Surendra Rajput (@ssrajputINC) August 4, 2022
आज मनोज तिवारी महंगाई के मुद्दे पर पूरी तरीके से चुप हैं. अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं. जबकि 2014 से पहले के मुकाबले महंगाई कई गुना अधिक बढ़ चुकी है. मनोज तिवारी की तरह ही तमाम बीजेपी के नेताओं की हालत इस वक्त बनी हुई है. वह महंगाई के मुद्दे पर खामोशी अख्तियार किए हुए हैं.






























































