कल कई विपक्षी दलों ने एक साथ एक प्लेटफार्म पर आकर भाजपा को हराने के लिए विचार विमर्श किया. एक शक्तिशाली मोर्चे की तैयारी चल रही है जो भाजपा का सूपड़ा साफ कर दे.
मीटिंग के बाद यह कहा गया कि देश के वर्तमान हालात बिगड़ते हुए अर्थव्यवस्था बेरोजगारी बढ़ती हुई महंगाई से देश को निजात पाने के तमाम मुद्दों पर बात हुई. अंदर खाने खबर आ रही है सभी स्थानीय पार्टियां एकजुट होकर भाजपा को हराना चाहती हैं.
तैयारी कुछ इस प्रकार की जा रही है जो स्थानीय दल जिस राज्य में मजबूत है उसके खिलाफ अन्य गठबंधन अपना उम्मीदवार नहीं उतारे गा . और भाजपा बनाम संयुक्त मोर्चा का उम्मीदवार ही होगा. इससे वोटो का बिखराव रुकेगा और भाजपा को बहुत ही आसानी से 2024 में हरा दिया जाएगा.
लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कांग्रेस पार्टी इस मोर्चे का हिस्सा नहीं बन पाई है. या ये कहे कांग्रेस ने जानबूझकर अपने आप को फिलहाल इस मोर्चे से दूर रखा है. क्योंकि कुछ बड़े स्थानीय दल हैं जो कांग्रेस के साथ भी नहीं आना चाहते, सबसे पहले यह विचार किया जा रहा है कांग्रेस के अलावा सभी दल एकजुट हो जाएं उसके बाद कांग्रेस से बातचीत करके कांग्रेस को भी भरोसे में लेकर इस मोर्चे में शामिल किया जाए.
प्रशांत किशोर मुख्य भूमिका अदा कर रहे हैं इस मोर्चे में प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा है बिना कांग्रेस को साथ लिए तीसरे मोर्चे की परिकल्पना ही निरर्थक है. अब देखने वाली बात होगी इन लोगों की एकजुटता क्या रंग लाती है और भाजपा के खिलाफ कितना मजबूत गठबंधन की स्थानीय दल बना पाते हैं.




























































