Farmer leader Rakesh Tikait's big attack on the central government
Farmer leader Rakesh Tikait's big attack on the central government

किसान नेता राकेश टिकैत ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा पिछले 7 महीनों से ज्यादा किसानों ने दिल्ली को घेर रखा है और भारत सरकार को जरा सी भी शर्म नहीं आती कि किसानों का ध्यान रखें और तत्काल प्रभाव से काले कानूनों को रद्द कर दिया जाए किसान कोई अपने घर में नहीं बैठा है किसी मुसीबत परेशानी की वजह से ही अपना घर बार खेत खलिहान छोड़कर तपती धूप बरसते पानी के बीच बैठा हुआ है.

विदित हो अभी तक अनुमानित 500 से ज्यादा किसान अपनी जान गवा चुके हैं लेकिन भारत सरकार अभी भी जाग नहीं रही है और अपनी जिद पर अड़ी हुई हैं आखिर में किस तरह की जाती है जो चाहते हुए भी ऐसे कानूनों को उनके ऊपर थोपा जा रहा है.

राकेश टिकैत ने सरकार किसी ग़लतफ़हमी में न रहे किसान खली हाथ घर वापस नहीं जायेगा. किसान तभी वापस जाएगा, जब मांगें पूरी हो जाएंगी। हमारी मांग है कि तीनों कानून रद्द हों। एमएसपी पर कानून बने.

विदित हो अभी तक अनुमानित 500 से ज्यादा किसान अपनी जान गवा चुके हैं. लेकिन भारत सरकार अभी भी जाग नहीं रही है. और अपनी जिद पर अड़ी हुई हैं, आखिर में किस तरह की जिद है जो न चाहते हुए भी ऐसे कानूनों को उनके ऊपर थोपा जा रहा है.

राकेश टिकैत ने कहा देश की राजधानी को किसानों ने पिछले 7 महीनों से घेर रखा है. भारत सरकार को शर्म नहीं आती हम कहां बैठे हैं. हमारा कोई घर है वहां उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा सरकार अपने दिमाग से यह बात निकाल दे किसान ऐसे ही वापस चला जाएगा. सरकार अगर मानने वाली नहीं है तो किसान भी पीछे हटने वाला नहीं है हम 2024 में भाजपा को चुनावो में हराएंगे. और उसके बाद 2024 में नई सरकार आएगी उसे इन कानूनों को वापस लेना ही होगा . नहीं तो उस सरकार के भी खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा, किसान किसी भी सूरत में खाली हाथ वापस नहीं जाएगा.

एक यूजर ने राकेश टिकैत के जवाब में कहा किसान सर्दी, गर्मी झेल आया, अब बरसात भी झेल जाएगा. किसानों का साफ कहना है – कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं.

किसानों में नाराजगी इस बात से बड़ी है कहीं ना कहीं अंदर खाने यह खबर आ रही है कि हरियाणा मुख्यमंत्री खट्टर ने अमित शाह से इस बारे में मुलाकात की है. किसी भी सूरत में बॉर्डर से किसानों को जबरदस्ती हटाने की योजना बना रहे हैं. राकेश टिकैत ने ऐसी किसी संभावना से इनकार किया और चेतावनी भरे लहजे में कहा सरकार इस तरह की खुशी में ना रहे जबरदस्ती किसानों को हटाया नहीं जा सकता. सरकार अगर ताकतवर है तो किसान भी किसी भी सूरत में कमजोर नहीं है. हम ही ने सरकार बनाई है हम सभी ने भाजपा को वोट अच्छे दिनों के एवज में दिया था. लेकिन यह कैसे अच्छे दिन हैं? महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. काले कृषि कानूनों का असर अभी से दिखाई देने लगा है. जबकि कानून लागू भी नहीं है तेल 200 पार कर गया है. अनाज महंगा है. गरीब आदमी की आय घट गई है तो आप सभी सोचिए उनका जीवन कैसे चलेगा?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here