आज तेजस्वी आदरणीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी ने दीवारों पर विज्ञापन चिपका के तमाम सरकारी भर्तियां कर दी और जब मामला उजागर किया गया तो उनको तत्काल प्रभाव से निकाल दिया गया लेकिन अब सूचना आ रही है उन सभी को फिर से बहाल कर दिया गया है.
नितीश कुमार जी बताये किस प्रकार की डबल इंजन सरकार बिहार में चला रहे हैं जहां युवाओं के साथ इस तरह का छल कपट किया जा रहा है. बिहार में इस घटना के खुलने के बाद से तूफान आया हुआ है और विपक्ष नीतीश कुमार पर हमलावर है.
सबसे बड़ी बात यह है बिहार में नई नौकरियों का अकाल सा पड़ गया है. तमाम परीक्षाएं देखकर अभ्यर्थी उत्तीर्ण होकर भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. कई अवसरों पर धरना प्रदर्शन हो चुका है, पिछले साल की बात है तमाम में बढ़ती धरना प्रदर्शन कर रहे थे और पुलिस ने बर्बरता पूर्वक उन्हें उस स्थल से उठा दिया था.
तेजस्वी यादव आधी रात को पहुंचकर स्थानीय प्रशासन से बातचीत करके युवाओं को धरना प्रदर्शन की जगह दिलवाने में मदद की थी.
बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें उस वक्त विपक्ष पूरी तरह आश्वस्त था कि उनकी सरकार बनेगी, क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भयंकर अंतर्विरोध का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन उसके बावजूद इस कुमार किसी तरह से सत्ता में वापसी कर पाने में सफल हो गए.
कई आरोप सत्ता पक्ष की तरफ से लालू यादव जी पर लगाए गए, कि वह सरकार गिराना चाह रहे हैं. अब देखते हैं ऊंट किस करवट बैठता है क्या नीतीश कुमार जी इस तरह से भर्ती घोटाले की जांच कराएंगे? या युवा प्रतिभागियों के भविष्य से खिलवाड़ होती रहेगी.




























































